अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग में सोमवार को “मीडिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपयोगिता” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के पत्रकारिता विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. योगेन्द्र कुमार पाण्डेय ने हिस्सा लिया और छात्रों को मीडिया की बदलती तकनीकी चुनौतियों और अवसरों पर विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ने पत्रकारिता और मीडिया उद्योग में क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं। उन्होंने बताया कि एआई की मदद से अब समाचार लेखन, रिपोर्टिंग, कंटेंट निर्माण, वीडियो और ऑडियो एडिटिंग, डेटा एनालिटिक्स, फैक्ट चेकिंग तथा कंटेंट पर्सनलाइजेशन जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक काम संभव हो रहे हैं। इससे मीडिया में तेजी, सटीकता और रचनात्मकता तीनों को नई दिशा मिली है।
उन्होंने कहा, “आज के दौर में एआई एक सशक्त सहायक उपकरण बनकर उभरा है, जो पत्रकारों को रुटीन कार्यों में सहूलियत देने के साथ-साथ कंटेंट को ज्यादा रोचक और दर्शक-उन्मुख बनाने में मदद कर रहा है। आने वाले समय में एआई के उपयोग के बिना पत्रकारिता की कल्पना भी मुश्किल होगी। लेकिन इसके साथ ही एआई का विवेकपूर्ण और नैतिक उपयोग बेहद जरूरी है, ताकि सूचनाओं की शुचिता और विश्वसनीयता बनी रहे।”
संगोष्ठी के दौरान छात्रों ने एआई के इस्तेमाल, पत्रकारिता में इसकी चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं को लेकर कई सवाल पूछे, जिनका डॉ. पाण्डेय ने विस्तार से उत्तर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे तकनीक के प्रति जागरूक रहें और एआई टूल्स की बारीकियों को सीखें, ताकि बदलते मीडिया परिदृश्य में वे खुद को प्रतिस्पर्धी बनाए रख सकें।
कार्यक्रम में जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। संगोष्ठी का संचालन विभाग के वरिष्ठ शिक्षक द्वारा किया गया। आयोजन के अंत में विभागाध्यक्ष ने मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त किया और छात्रों से तकनीकी बदलावों को अपनाने का आह्वान किया।