अंबेडकरनगर। नगर पालिका परिषद टांडा में भ्रष्टाचार के नए-नए कारनामे सामने आते जा रहे हैं। हाल ही में सकरावल स्थित वाटर पंप हाउस से लाखों रुपए मूल्य के शीशम के पेड़ चोरी-छिपे काटकर बेचने का मामला उजागर हुआ था। गोविंद वार्ता ने इस खबर को प्रमुखता से चलाया था, जिसके बाद अब नगर पालिका से जुड़े लोगों ने अपनी चोरी छुपाने के लिए नया खेल कर डाला, लेकिन यह चाल भी कैमरे में कैद हो गई।
शनिवार दोपहर करीब 1 बजे एक ट्रैक्टर पर लकड़ी लादकर कुछ लोग नगर पालिका पहुंचे और परिसर में लकड़ी गिराकर फरार हो गए। इस घटना से साफ हो गया कि सकरावल पंप हाउस से पेड़ गायब हुआ था और मीडिया में मामला उजागर होने के बाद अपनी चोरी छिपाने के लिए आनन-फानन में लकड़ी लाकर नगर पालिका में डाल दी गई।
उधर, मामले को संज्ञान में लेते हुए उच्च अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। शनिवार सुबह 11 बजे जांच के लिए दरोगा सकरावल पंप हाउस पहुंचे और वहां मौजूद ऑपरेटरों के बयान दर्ज किए। जांच में पंप ऑपरेटर ने भी स्वीकार किया कि लगभग 10 दिन पहले पेड़ काटा गया था।
जांच की भनक लगते ही चोरी में शामिल लोगों के हाथ-पांव फूल गए और घबराहट में लकड़ी ट्रैक्टर से लाकर नगर पालिका में फेंक दी।
सभासद मोहम्मद जाहिद उर्फ छोटू ने बताया कि गोविंद वार्ता और अन्य समाचार पत्रों में खबर छपने के बाद उन्होंने जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। जिसके बाद सुबह से ही कार्रवाई शुरू हो गई थी। इसी डर से आज दोपहर उनके सामने ही पांच लोग ट्रैक्टर से आए और लकड़ी गिराकर भाग गए।
उन्होंने कहा कि यह घटना इस बात का सबूत है कि पेड़ की चोरी नगर पालिका से जुड़े लोगों ने ही की थी। इस पूरे मामले में दोषियों पर मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई जरूरी है।