हंसवर अम्बेडकरनगर। प्रोफेसर टीचर एंड नान टीचिंग इम्प्लाइज आर्गेनाइजेशन (प्रोटान) के तत्वावधान में रविवार को आकांक्षा एजुकेशन, बसखारी में “सावित्रीबाई फुले का शिक्षा के क्षेत्र में योगदान” विषय पर एक शैक्षिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनजीत कुमार ने की, जबकि संचालन मनीष कुमार ने किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मोहम्मद शफी नेशनल इंटर कॉलेज, हंसवर के शिक्षक मोहम्मद असलम खान ने अपने संबोधन में कहा कि सावित्रीबाई फुले देश की पहली महिला शिक्षिका और महान समाज सुधारक थीं। उन्होंने उस दौर में महिलाओं और वंचित वर्गों की शिक्षा के लिए जो संघर्ष किया, वह ऐतिहासिक है। इस अभियान में उनके पति महात्मा ज्योतिबा फुले का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं की स्थिति सुधारने और समाज को शिक्षित बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया।अध्यक्ष जनजीत कुमार ने कहा कि सावित्रीबाई फुले का जीवन त्याग, संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है। उनका संपूर्ण जीवन समाज में बराबरी और शिक्षा के प्रसार के लिए समर्पित रहा।विकास सक्सेना ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा को एक सशक्त उपकरण के रूप में उपयोग कर वंचित, गरीब और सामान्य जन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया।जिलाध्यक्ष धर्मशील ने कहा कि सावित्रीबाई फुले महिला सशक्तिकरण की मिसाल हैं और शिक्षा व सामाजिक सुधार के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने वाली महान विभूति हैं। उनके प्रयास आज भी हमें बेहतर समाज निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। मनीष कुमार ने कहा कि 19वीं सदी में सावित्रीबाई फुले ने अपने पति के साथ मिलकर बाल विवाह, छुआछूत, सती प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया, जो अपने आप में अद्वितीय उदाहरण है।इस अवसर पर लालजी प्रजापति, कांति यादव, प्रमोद कुमार, कंचन लता, मीरा देवी, शांति देवी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
प्रोफेसर टीचर एंड नान टीचिंग इम्प्लाइज आर्गेनाइजेशन प्रोटॉन के तत्वाधान में शैक्षिक कार्यक्रम का आयोजन
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