अम्बेडकरनगर। लार्ड बुद्ध एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा संचालित डॉ. भीमराव अंबेडकर शिक्षण संस्थान बेरमा, तहसील जलालपुर जिला अंबेडकरनगर में भगवान बुद्ध कथा कार्यक्रम में भोजन (प्रसाद) दान किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग भोजन प्रसादी ग्रहण किए और भगवान बुद्ध के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भंते शरनांकर मौजूद रहे। भंते द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ और समापन कराया गया। इस दौरान भंते शरनांकर ने भगवान बुद्ध के विचारों को लोगों तक पहुंचाया। साथ ही कहा कि भगवान बुद्ध के विचारों को अपने जीवन में उतारना बहुत जरूरी है।
वहीं, कार्यक्रम में ग्रामीण सहित कई प्रबुद्धजीवी लोग मौजूद रहे। लोगों ने कार्यक्रम में बैठकर भगवान बुद्ध के उपदेशों को सुना। भंते शरनांकर ने भगवान बुद्ध के उपदेश बताते हुए कहा, मन को शुद्ध रखें बुद्ध का उपदेश है कि सारे गलत काम मन में ही जन्म लेते हैं। बुराई को अच्छाई ही खत्म कर सकती है, मन में मोह न रहे, शरीर को स्वस्थ रखना है जरूरी, कम शब्द बोलें, मन पर विजय पाएं, क्रोध से सजा मिलेगी और वर्तमान को जिओ सहित कई उपदेशों को विस्तार पूर्वक बताया।
डॉ. एसबी गौतम ने कहा, डॉक्टर भीमराव अंबेडकर और भगवान बुद्ध दोनों ही मानवता की सेवा के लिए प्रसिद्ध हैं। डॉक्टर अंबेडकर ने बौद्ध धर्म अपनाया था और उन्होंने बौद्ध धर्म के पुनरुत्थान के लिए काम किया। वहीं, भगवान बुद्ध ने आत्मज्ञान और दुखों के अंत की शिक्षाएं दीं, जो बौद्ध धर्म का आधार बनीं।
लार्ड बुद्धा एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा संचालित डॉ. भीमराव अंबेडकर शिक्षण संस्थान में भगवान बुद्ध कथा समारोह में ट्रस्ट अध्यक्ष रामरतन एवं ट्रस्ट स्वास्थ्य चिकित्सा प्रभारी डॉ. एसबी गौतम, प्रबंधक रीता देवी, प्रधानाचार्य सुनील कुमार, आचार्य धर्मेंद्र कुमार आदि ने गरीब, असहाय, मजलूम आदि लोगों के लिए ट्रस्ट के माध्यम से मुफ्त शिक्षा एवं चिकित्सा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया है।
लार्ड बुद्धा एजुकेशन ट्रस्ट में धूमधाम से मनाया गया भगवान बुद्ध कथा कार्यक्रम, डॉ. एसबी गौतम बोले- बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करना जरूरी
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